रॉली चौहान गाओं के रकबे में 20000 वर्ग मीटर से भी ज्यादा क्षेत्र में एग्रीकल्चर लैंड यूज़ की जमीन पर विकसित की जाने वाली अवैध कच्ची कोलोनी
  • कच्ची कॉलोनियों तथा अवैध निर्माणों पर सरकार, मेरठ मंडलायुक्त, उपाध्यक्ष सख्त , फिर भी चालू है अवैध निर्माणों का खेल

  • अवर अभियंता ने प्राधिकरण उपाध्यक्ष,सचिव के आदेशों को भी रखा ताक पर

  • मेरठ विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन खंड जोन D 3 क्षेत्र के अवर अभियंता की कारगुजारी हो रही उजागर ,किला रोड क्षेत्र में अवैध निर्माणों, कच्ची कॉलोनियों की है भरमार

  • नियम विरुद्ध अवैध निर्माण कार्य करा कर अवर अभियंता, प्रवर्तन खंड के जोनल को भी कर रहे गुमराह

मेरठ । उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने लगातार अवैध निर्माण तथा कच्ची कॉलोनियों पर कड़े कदम उठाए हैं उसी कड़ी में मेरठ मंडलायुक्त मैडम सेल्वा कुमारी जे ० तथा मेरठ विकास प्राधिकरण के नए उपाध्यक्ष श्री अभिषेक पाण्डेय भी कच्ची कॉलोनी तथा अवैध निर्माणों पर सख्त रूख दिखा रहे हैं । लेकिन अवैध निर्माणों और कच्ची कॉलोनियों को लेकर हमेशा से सुर्खियों में बना रहने वाला मेरठ विकास प्राधिकरण अपने पुराण ढर्रे पर दौड़ता नज़र आ रहा है। क्योकि कुछ भ्रष्ट तंत्र ही अवैध निर्माणों और कच्ची कॉलोनी काटने वालों को बढ़ावा देते नज़र आ रहे है, तो वही अफसोस इस बात का भी है की प्राधिकरण से जुड़े कुछ चुनिंदा अवर अभियंता सरकार की नीतियों तथा उच्च अधिकारियों के कड़े तेवरों के बावजूद कच्ची कॉलोनियों तथा अवैध निर्माणों को लगातार संरक्षण देने से आज भी बाज नहीं आ रहे है ।

,अम्बेडर चौराहा पर व्यावसायिक निर्माण
,अम्बेडर चौराहा पर व्यावसायिक निर्माण

मेरठ विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन खंड जोन D-3 क्षेत्र में तो लगता है इस समय अवैध निर्माणों और अवैध कॉलोनियों की बाढ़ ही आयी हुई है। किला रोड पर
अब्दुल्लापुर प्रवर्तन खंड जोन D-3 क्षेत्र से जुड़ा है, मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र होने का फायदा उठाते हुए अवर अभियंता अवैध निर्माणों को पूरा कराने में जुटा है। सूत्रों के अनुसार इनमे से कुछ तो ऐसे निर्माण है जिनका मात्र नोटिस ही काटा गया है और वह पूर्ण होते नज़र आ रहे है जबकि ऐसे अवैध निर्माणऔर कच्ची कॉलोनी भी यहाँ विकसित है जिनका अभी तक चालान भी नहीं हुआ है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर क्षेत्र में तैनात यह प्रवासी अवर अभियंता किसके इशारे पर अवैध निर्माण तथा कच्ची कॉलोनियों को संरक्षण दे रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक किला रोड पर अब्दुलपुर में पहुंचते ही मार्किट और
उससे आगे बड़े व्यावसायिक निर्माण ,अम्बेडर चौराहा पर व्यावसायिक निर्माण और किला रोड पर नई साकेत कॉलोनी से आगे रॉली चौहान गाओं के रकबे में 20000 वर्ग मीटर से भी ज्यादा क्षेत्र में एग्रीकल्चर लैंड यूज़ की जमीन पर विकसित की जाने वाली अवैध कच्ची कोलोनी तो पुरे क्षेत्र में ही चर्चा का विषय बानी हुई है, क्योकि इस अवैध कॉलोनी को खुले तोर पर प्रवासी अवर अभियंता का संरक्षण है क्योकि इस कॉलोनी मिटटी खनन से भराव भी देखा जा सकता है। राली चौहान मोड़ पर भी दूसरी अवैध कॉलोनी का निर्माण जोरो से जारी है।

किला रोड पर हरमन स्कूल में करीब 600 वर्ग मीटर में अवैध निर्माण
किला रोड पर हरमन स्कूल में करीब 600 वर्ग मीटर में अवैध निर्माण

इसी किला रोड पर हरमन स्कूल में करीब 600 वर्ग मीटर में अवैध निर्माण जारी है जिस पर आज तक सील की कार्यवाही नहीं की गई है । प्राधिकरण का क्षेत्रीय अवर अभियंता संजय वरिष्ठ  इस क्षेत्र में हो रहे इन अवैध निर्माणो को बचाने में जुटा है और प्राधिकरण को कंपाउंडिंग के रूप में मिलने वाले राजस्व का नुकसान करा रहा है लेकिन क्षेत्रीय अवर अभियंता के रहमों करम पर करीब आधा दर्जन से अधिक निर्माण क्षेत्र में आज भी गति पकडे हुए है।