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LUCKNOW : (agency) उत्तर प्रदेश के मंदिरों और शक्तिपीठों में रामायण और दुर्गा सप्तशती के पाठ के आयोजन की तैयारी की जा रही है। इसके लिए सरकार की ओर से दिशा-निर्देश जारी किया गया है। सभी डीएम को इस प्रकार के आयोजन जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर पर कराने की तैयारी की जा रही है। इस प्रकार के आयोजन के जरिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा संदेश देने की कोशिश की है। पिछले दिनों में मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव सॉफ्ट हिंदुत्व की राजनीति के जरिए भारतीय जनता पार्टी की हिंदुत्व वाली पिच पर आए हैं। मंदिरों में घूम रहे हैं। रामचरितमानस विवाद के बीच अखिलेश यादव ने हिंदुत्व पर भाजपा को घेरने की कोशिश की। ऐसे में लोकसभा चुनाव 2024 से पहले योगी सरकार ने इस प्रकार के आयोजन के जरिए विपक्ष को अपने जाल में घेरने की कोशिश है।

22 मार्च से शुरू हो रही है नवरात्रि

22 मार्च से चैत नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। इस दौरान मंदिरों और शक्तिपीठों में कार्यक्रम के आयोजन की तैयारी की गई है। रामायण और दुर्गा सप्तशती के पाठ के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की भी तैयारी है। इन आयोजन के लिए सभी जिलों को एक-एक लाख रुपए का फंड दिया जाएगा। कार्यक्रम में महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए हैं। सभी जिलों को 21 मार्च तक तैयारियों को पूरा कराने का निर्देश दिया गया है।

एक एक लाख रुपये देगी सरकार

बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक गतिविधियों में कलाकार पेशकश देंगे.इस के लिए जो भी खर्च आएगा, उसका भुगतान सरकार करेगी और इसलिए विभाग ने एक-एक लाख रुपये का प्रावधान किया है| राज्य स्तर पर पूरे मसले पर दो नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं. इन पर कार्यक्रमों के सफलतापूर्वकआयोजन का जिम्मा रहेगा|