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मेरठ । उत्तर प्रदेश में भाजपा की योगी सरकार का पुन:गठन होने जा रहा है, जिसके चलते लोगों को इस बार भी भाजपा सरकार से काफी उम्मीदें हैं पिछले कार्यकाल में भी भाजपा सरकार जनता की उम्मीदों पर खरी उतरी थी। लेकिन सरकार की सख्ती के बावजूद मेरठ विकास प्राधिकरण में अवैध निमाणों को लेकर प्राधिकरण में नियमों की खूब धज्जियां उड़ाई गई थी। लेकिन माना जा रहा की इस बार लगता है कि भाजपा की योगी सरकार प्राधिकरण के इंजीनियरों पर काफी हद तक लगाम लगाने में सफल होगी।

,के इंजीनियरों की मनमानी के चलते प्राधिकरण के राजस्व को जहां भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, वही प्राधिकरण तथा सरकार की छवि को भी धूमिल करने का कुछ इंजीनियर प्रयास करते रहे हैं। ऐसे इंजीनियरों पर लगाम लगाना प्रदेश सरकार के लिए इस बार चुनौती नहीं होगी, ऐसा मेरठ की जनता का मानना है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्राधिकरण के प्रवर्तन खंड जोन ए वन क्षेत्र में बिना मानचित्र नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध निमार्णों को संरक्षण दिया जा रहा है। खनन की अनुमति लिए बगैर बेसमेंट तक बनवा दिए गए। सूत्र बताते हैं आवासीय क्षेत्र में कमर्शियल कंपलेक्स बनाए जा रहे हैं तो वही प्राधिकरण के इंजीनियर कार्यवाही के नाम पर उच्च अधिकारियों को गुमराह करने में लगे हैं, यही नहीं उनके द्वारा अवैध निमार्णों पर कंपाउंडिंग के नाम पर भी खेल किया जा रहा है।

जॉन ए 1 वन क्षेत्र के पत्थर वालों में आवासीय क्षेत्र के बावजूद बेसमेंट के साथ करीब 300 वर्ग मीटर में नियम विरुद्ध कंपलेक्स का निर्माण कराया जा रहा है। और खनन के लिए जिला प्रशासन की अनुमति भी नहीं ली गई है। इसके अलावा सरार्फा बाजार में बिना अनुमति मिट्टी का खनन करा कर बेसमेंट का निर्माण करा दिया गया। इसी तरह कोतवाली के पास कैलाश डेरी के पीछे भी पुरानी आबादी होने के बावजूद आवासीय क्षेत्र में बेसमेंट के साथ काम्प्लेक्स का निर्माण कराया जा रहा है। इसी तरह अहमद रोड पर आवासीय क्षेत्र में बेसमेंट के साथ अन्य काम्प्लेक्स का निर्माण बिना मानचित्र करा दिया गया। खैर नगर बाजार में वैली बाजार चौराहे के निकट कॉम्प्लेक्स, फ्लैटों का निर्माण बिना मानचित्र बिना कंपाउंडिंग जमा कराएं पूरा करा दिया गया। इसी तरह हापुर रोड इमलीयान मस्जिद के पास दिल्ली रेस्टोरेंट के बराबर मैं कई मंजिल बिल्डिंग का निर्माण सील के बावजूद करा दिया गया। लेकिन कंपाउंडिंग की कोई राशि आज तक भी जमा नहीं कराई गई।

वैसे तो पूरे शहर में एक जैसी तस्वीर है लेकिन ए 1 जॉन के एक खंड से अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्राधिकरण अवैध निमार्णों पर कार्यवाही कर रहा है अथवा खेल । इन भ्रष्ट इंजीनियरों के खिलाफ प्रदेश सरकार को ही कदम उठाना होगा ताकि प्राधिकरण में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सके । सूत्रों की माने तो जोन 1 में तैनात अवर अभियंता जोनल अधिकारियों से लेकर उच्च अधिकारियों को गुमराह करने में लगे हैं,वही धरातल पर अवैध निमार्गों को संरक्षण देकर प्राधिकरण की छवि को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। इनके कार्यकाल में सबसे अधिक बेसमेंट के साथ बिना मानचित्र कॉमर्शियल बिल्डिंगों का निर्माण बेखोफ चल रहा है जिसके चलते प्राधिकरण के राजस्व को भी करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं क्षेत्रीय अभियंता आईजीआरएस के तहत भी मुख्यमंत्री पोर्टल पर गलत जानकारी देकर शासन को भी गुमराह करने में लगे हैं ऐसे इंजीनियरों केखिलाफ भाजपा की सरकार को कड़े कदम उठाने होंगे ताकि अन्य लोगों को भी सबक मिल सके।