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मेरठ में खुद पर हुए हमले के मामले में भाजपा प्रत्याशी चौधरी मनिंदर पाल सिंह ने FIR दर्ज कराने से इंकार कर दिया। सोमवार शाम को उन पर हमला किया गया था। वह सिवालखास विधानसभा के जाट बाहुल्य इलाके छुर्र गांव में प्रचार करने पहुंचे थे। वहां पहले से 300 से ज्यादा लोग हाथों में डंडे और आरएलडी के झंडे लेकर मौजूद थे। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी की गाड़ी को रोकने का प्रयास किया।

जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन चौधरी मनिंदरपाल सिंह भाजपा के टिकट पर सिवालखास से चुनाव लड़ रहे हैं। छुर्र गांव में भाजपा का पहले से विरोध था। इस गांव में 5 महीने पहले भी किसान आंदोलन के समय ग्रामीणों ने भाजपा के विधायक जितेंद्र सतवाई का विरोध किया था। अब भाजपा प्रत्याशी गांव में गए, तो राष्ट्रीय लोकदल के समर्थकों ने उन पर हमला बोला। एक के बाद एक 5 गाड़ियों पर भीड़ ने हमला किया। पथराव करते हुए गाड़ियों के शीशे तोड़े गए। उनकी गाड़ी पर भी पथराव किया गया। डंडे बरसाए और गाड़ी को पलटने के लिए भी भीड़ ने खूब जोर लगाया। इस घटना में भाजपा प्रत्याशी की 5 गाड़ियों को नुकसान हुआ है।

मनिंदर पाल ने बताया कि जो भी हुआ, वह सही नहीं था। जिसने जो गलती की है, वह अपनी गलती खुद भुगतेगा। हमारी तरफ से थाने में तहरीर नहीं दी गई है। न ही हम FIR कराएंगे। चुनाव लड़ा जा रहा है। उसके लिए लोगों का समर्थन हमें मिल रहा है। मनिंदर पाल ने बताया कि उनके साथ काफिले में 6 गाड़ियां थीं। 5 गाड़ियों को भीड़ ने नुकसान पहुंचाया है। मैं गाड़ी से नहीं उतरा, लोग बेकाबू होकर गाड़ियों पर पथराव करते हुए डंडे बरसा रहे थे। पूरी प्लानिंग के साथ वहां भीड़ एकत्र थी, जिन्होंने हमला किया।

वही सिवालखास सीट से आरएलडी प्रत्याशी और पूर्व विधायक गुलाम मोहम्मद ने बताया कि सोमवार को मैं भी चुनाव प्रचार में था। पता नहीं आरएलडी समर्थकों ने यह क्यों किया? किसी ने जान-बूझकर हमला नहीं किया। भाजपा का विरोध था, इसलिए लोगों ने यह किया।

फिलहाल पुलिस इस पूरी घटना को गंभीरता से ले रही है। एसपी देहात केशव कुमार ने बताया कि भाजपा प्रत्याशी की तरफ से कोई तहरीर नहीं आई है। पुलिस ने अपनी तरफ से सरधना थाने में कोविड नियम के उलंघन के तहत FIR दर्ज कर ली है। जो भी साक्ष्य होंगे, उनके आधार पर विवेचना कर कार्रवाई की जा