Vintage Cars

ऐसे समय में जब भारत सरकार पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को सड़कों से हटाने पर विचार कर रही है, ऐसे में ओडिशा राज्य सरकार एक नया नियम लेकर आई है जिससे ऐसे वाहनों को दूसरा जीवन मिलेगा, जो कम से कम 50 साल पुराने हैं। ज्ञात रहे की अक्सर कलेक्टर एडिशन का हिस्सा बनने वाले इन बेशकीमती वाहनों को इनके मालिक एक धरोहर की तरह संजो कर रखते हैं।

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राज्य परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया की , सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) द्वारा केंद्रीय मोटर वाहन (सीएमवी) नियम, 1989 के तहत पुराने मोटर वाहनों की पंजीकरण प्रक्रिया के लिए प्रावधान किए जाने के बाद, ओडिशा सोमवार को 50 साल से ज्यादा पुराने वाहनों (दोनों दोपहिया और चार पहिया वाहन) के लिए एक अलग पंजीकरण प्रक्रिया वाला भारतीय राज्य बन गया।
दीप्ति रंजन पात्रा, संयुक्त आयुक्त परिवहन, टेक्निल ने कहा, “MoRTH (एमओआरटीएच) ने स्क्रैपिंग नीति पेश करके पुराने वाहनों के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने की पहल की है। उसी समय, भारत में पुराने वाहनों की विरासत को संरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए, केंद्र ने पुराने मोटर वाहनों की पंजीकरण प्रक्रिया को औपचारिक रूप दिया है।”

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उन्होंने कहा, “नए नियम पुराने पहले से पंजीकृत वाहनों को एक नए विंटेज पंजीकरण चिह्न “VA” सीरीज (यूनिक रजिस्ट्रेशन मार्क) के साथ बनाए रखने जैसी प्रमुख विशेषताएं प्रदान करेंगे।”
सीएमवी के तहत, 50 साल पुराने वाहनों (दोपहिया और चौपहिया) को उनके पहले पंजीकरण की तारीख से ‘विंटेज मोटर वाहन’ के रूप में परिभाषित किया जाएगा। इसके अलावा, नियम के अनुसार चेसिस या बॉडी शेल और/या इंजन में संशोधन सहित बिना पर्याप्त ओवरहाल वाले वाहनों को विंटेज माना जाएगा।

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अधिकारियों ने जानकारी दी, रजिस्ट्रेशन/री-रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन ‘फॉर्म 20’ के मुताबिक किया जाएगा और इसके साथ बीमा पॉलिसी, फीस, इंपोर्टेड व्हीकल्स के मामले में बिल ऑफ एंट्री और भारत में पहले से रजिस्टरर्ड वाहन के मामले में पुरानी आरसी देनी होगी।