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पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 11 जिलों की 58 सीटों पर पहले फेज और नौ जिलों की 55 सीटों पर दूसरे फेज में मतदान होना है। इन विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशियों को लेकर मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने मंथन किया। दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय पर हुई इस बैठक में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह समेत संगठन से जुड़े कई पदाधिकारी पहुंचे। इस बैठक में पार्टी के चुनाव प्रभारी धर्मेन्द्र प्रधान महामंत्री संगठन सुनील बंसल और प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह भी मौजूद रहें।

मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में राज्य के कोर ग्रुप के नेताओं की केंद्रीय नेतृत्व के साथ अहम बैठक में शुरुआती चरणों की सीटों के लिए नामों पर चर्चा हुई। माना जा रहा है की पार्टी मकर संक्रांति के बाद उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करेगी। बताया जाता है कि भाजपा विधानसभा चुनाव में खराब छवि वाले मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं देगी। वह जिताऊ व टिकाऊ उम्मीदवारों पर ही दांव खेलेगी। सूत्रों से मिली जानकारी से कम से कम 45 मौजूदा विधायकों का टिकट काटे जाने की सुचना है ।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठक में खासतौर पर आंतरिक रिपोर्ट के अनुरूप टिकट काटे जाने पर भी अहम मंथन हुआ। इसमें उन विधायकों का टिकट काटने पर सहमति बनी, जिनके खिलाफ स्थानीय स्तर पर नाराजगी है। बैठक में शुरुआती चरणों से जुड़ी सीटों पर कुछ विधायकों की सीटें बदलने पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक करीब डेढ़ दर्जन विधायकों की सीटें बदली जा सकती है।

सूत्रों के अनुसार शुरुआती दो चरणों से जुड़ी 113 सीटों के पैनल पर सहमति बन गई है। इनमें शामिल सीटों पर दो से पांच नाम तय किए गए हैं। अगले दौर की बैठक में कुछ और नामों की छंटनी के बाद केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में उम्मीदवारों की सूची पर मुहर लगेगी। उम्मीद है, पार्टी पहले दो चरण के लिए अगले हफ्ते नामों की घोषणा करेगी। संक्रमित होने के कारण पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा डिजिटल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।