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नयी दिल्ली ,(एजेंसी) राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां लगातार जारी है। सत्तारूढ़ एनडीए की ओर से द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाया गया है। द्रौपदी मुर्मू के लिए बीजेपी ने एक बार फिर विपक्षी दलों से समर्थन मांगा है। बीजेपी के सूत्रों ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने विपक्ष के नेताओ को फोन कर बात की है। जे पी नड्डा ने अपील करते करते हुए कहा कि, इस तरह के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और यह चुनाव सर्वसम्मति से होना चाहिए। न्यूज एजेंसी को बीजेपी सूत्रों ने यह जानकारी दी।

झारखंड की पूर्व राज्यपाल 64 वर्षीय द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति पद के लिए देश की पहली आदिवासी महिला हैं। आज द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया। चुनाव जीतने पर मुर्मू देश की पहली आदिवासी और दूसरी महिला राष्ट्रपति होंगी। नामांकन के साथ ही भाजपा द्वारा अब अपने पक्ष में समीकरण को साधने के लिए विभिन्न दलों के नेताओं से बातचीत भी शुरू की जा चुकी है। सूत्रों माने तो इसी कड़ी में जेपी नड्डा ने विपक्ष के बड़े नेताओं को फोन कर द्रौपदी मुर्मू के लिए राष्ट्रपति चुनाव में समर्थन का अनुरोध किया है। भाजपा इसे लगातार महिला सशक्तिकरण के साथ साथ पिछड़े वर्गों के उत्थान से जोड़कर देख रही है।

भाजपा के एक शीर्ष सूत्र ने बताया है कि पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन चौधरी, नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा को फोन किया था। उन्होंने फोन कर द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने का अनुरोध किया। जेपी नड्डा की ओर से कहा गया है कि इस तरह के मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए और यह चुनाव सर्वसम्मति से होना चाहिए। हालांकि जब एनडीए की ओर से जेपी नड्डा द्रौपदी मुर्मू के नाम का ऐलान कर रहे थे, तब उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार को लेकर विभिन्न दलों के बीच सहमति बनाने के लिए पार्टी की तरफ से राजनाथ सिह और उन्हें अधिकृत किया गया था। सभी दलों से बातचीत करके राष्ट्रपति के चुनाव के लिए सर्वसम्मति बनाते हुए हम आगे बढ़ना चाहते थे। राजनाथ सिंह ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के घटक दलों के नेताओं के साथ बातचीत की। मैंने भी बातचीत की। लेकिन बात नहीं बन सकी। राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी दलों की ओर से संयुक्त उम्मीदवार के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा को मैदान में उतारा गया है।