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नई दिल्ली, सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने बुधवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी)के पास सेना ने बुनियादी सैन्य ढांचे को चीन से मिल रही चुनौतियों के अनुरूप मजबूत किया है। इसके जरिये हम दृढ़ता और मजबूत तरीके से चीनी सेना से मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एलएसी पर भले ही सैनिकों की मौजूदगी कम हो चुकी हो लेकिन खतरा कम नहीं हुआ है।

सेना दिवस के उपलक्ष्य में वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सेना प्रमुख ने एलएसी से जुड़े सवालों के जवाब में यह बात कही। उन्होंने कहा, सेना ने सर्वोच्च स्तर की अभियान संबंधी तैयारियों को कायम रखा है। साथ ही संवाद के जरिये भी मुद्दों को हल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यथास्थिति को एकपक्षीय तरीके से बदलने के चीन के प्रयासों पर सेना की कार्रवाई बहुत त्वरित है। उन्होंने कहा, हमारे सामने पैदा की जा रही किसी भी चुनौती से निपटने के लिए हम अच्छी तरह से तैयार हैं।

एक जनवरी से लागू हुए चीन के भूमि कानून को लेकर सेना प्रमुख ने कहा कि हालांकि विदेश मंत्रालय ने इस बारे में पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि इससे भारत-चीन के द्विपक्षीय संबंधों को लेकर कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि यह किसी दूसरे देश पर लागू नहीं होता है। जहां तक सैन्य प्रभावों की बात है, ऐसे प्रभावों का आकलन किया जा रहा है तथा भारतीय सेना इन प्रभावों से मजबूती से निपटेगी।

नगालैंड के मोन जिले में पिछले साल चार दिसंबर को जवानों द्वारा हुई गोलीबारी की घटना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सेना अपनी जांच रिपोर्ट एक-दो दिनों के भीतर सौंप देगी जिसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस घटना की एसआईटी जांच भी हो रही है जिसमें पूरी तरह से सेना सहयोग प्रदान कर रही है।

इस बीच सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने कहा, इस वार्ता में पीपी-15 यानी हॉट स्प्रिंग से जुड़े मुद्दे हल हो सकते हैं। हर वार्ता का नतीजा नहीं निकलता। लेकिन पूर्व में चौथे-पांचवें दौर की वार्ता के बाद पीपी-14, नौवें एवं 12वें दौर की वार्ता के बाद पीपी-17 से सैनिक लौटे थे। पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले शेष इलाकों से गतिरोध खत्म करने के लिए बुधवार को भारत-चीन के सैन्य कमांडरों के बीच 14वें दौर की वार्ता हुई। इसमें भारत ने हॉट स्प्रिंग, डेप्सांग और डेमचोक इलाकों में सैनिकों की पूर्ण वापसी पर जोर दिया। पिछले साल 10 अक्तूबर को 13वें दौर की वार्ता हुई थी।