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नई दिल्ली:(एजेंसी), राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की तरफ से एक उम्मीदवार के नाम पर आम सहमति बनाने के लिए आज तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी विपक्षी दलों के नेताओं के साथ 3 बजे पहली बैठक करेंगी। नईदिल्ली में होने वाली इस बैठक में विपक्षी नेताओं की एक विशेष कमेटी बनाने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। इसमें अहम विपक्षी दलों के 8 नेता शामिल हो सकते हैं। ये कमेटी अगले एक हफ्ते में संभावित उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा कर विपक्षी दलों में आम सहमति बनाने की कोशिश करेग और संभावित उम्मीदवारों के नाम पर भी चर्चा करेगी।

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी की ओर से प्रत्याशी बनने से इनकार कर दिया है। मंगलवार को दिल्ली पहुंचीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने उन्हें मनाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने।

शरद पवार की लेफ्ट नेताओं सीताराम येचुरी और डी राजा के साथ मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद और गोपाल कृष्णा गाँधी जैसे नेताओं के नाम पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक लेफ्ट नेताओं ने गुलाम नबी आज़ाद के नाम पर आपत्ति जताई। शरद पवार ने लेफ्ट नेताओं को साफ़ कहा की वो विपक्ष का उमीदवार बनने के लिए उत्सुक नहीं हैं।

अब बुधवार को होने वाली विपक्षी दलों की बैठक में नए नामों पर चर्चा हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में कांग्रेस भी शामिल हो सकती है। हालांकि, आम आदमी पार्टी के इसमें शामिल होने के संकेत नहीं हैं। आम आदमी पार्टी सूत्रों के मुताबिक ‘राष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित होने के बाद ही AAP इस मुद्दे पर विचार करेगी। पवार ने ममता और येचुरी के अलावा भाकपा महासचिव डी. राजा, एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल और पीसी चाको को भी फैसले से अवगत कराया। सूत्रों के अनुसार,सोनिया गांधी के अस्वस्थ होने के चलते पवार को विपक्षी दलों से बात करने का जिम्मा सौंपा जा सकता है। बता दें कि बैठक में ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की बीजू जनता दल के भी भाग लेने की संभावना कम है।

इसके बाद विपक्षी दलों के नेताओं की एक बैठक 20 या 21 जून को हो सकती है जिसमे विपक्ष की तरफ से उम्मीदवार कौन होगा इसका अंतिम फैसला लिया जायेगा। राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 29 जून है। विपक्षी दल इससे करीब एक हफ्ते पहले अपना उम्मीदवार तय करेंगे।