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MEERUT: मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में शनिवार को अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन एवं प्रादेशिक आयुर्वेद सम्मेलन उत्तर प्रदेश यानी आयुर्वेद महाकुंभ चिकित्सा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। 3 दिवसीय आयुर्वेद पर्व में देशभर के 300 से ज्यादा आयुर्वेदाचार्य और 1200 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। इनॉगरेशन कार्यक्रम में शनिवार को सीएम योगी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ और गवर्नर आनंदीबेन पटेल भी पहुंचीं। सम्मेलन में भाग लेने के लिए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड की अगवानी के लिए राज्यपाल व मुख्यमंत्री चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के खेल परिसर पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एक ही गाड़ी में पुलिस लाइन हैलीपैड से सवार होकर चौधरी चरण से विद्यालय पहुंचे। अखिल भारतीय आयुर्वेद महा सम्मेलन में भाग लेने के लिए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के परिसर में पहुंचे। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया उनका स्वागत।

कार्यक्रम में सीएम योगी ने अपने सम्बोधन में कहा, “कोरोना के समय में आयुर्वेद का महत्व सब समझ चुके हैं। यूपी में अब अपना आयुष विश्वविद्यालय है। मैंने एक दफा आयुर्वेद के 100 छात्रों से पूछा कि आयुर्वेद में क्यों आए हो? तो उन्होंने कहा एलोपैथी में प्रवेश नहीं मिला इसलिए मजबूरन आयुर्वेद में आए हैं।” योगी ने कहा कि अब ऐसा नहीं। आयुर्वेद की शिक्षा यानी ‘डिग्री एक काम अनेक’। एक BMS डॉक्टर कई तरह से रोजगार पा सकता है। आज आयुर्वेद डॉक्टर्स के लिए सरकारी नौकरी है। वो चाहे तो हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोल सकता है। योगी ने इस दौरान कहा कि आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति अब दुनिया में छाने की स्थिति में हैं। योगी ने मंच से देश के नामचीन वैद्यों का भी नाम लिया। मेरठ के हकीम सैफुद्दीन का भी जिक्र किया।

आयुर्वेद महाकुंभ में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने अपने सम्बोधन में कहा कि आयुर्वेद का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। आयुर्वेद सर्वे भवन्तु सुखिन: के दर्शन पर आधारित है। भारत आयुर्वेद का मूल स्थल है। हमारा योग आज विश्व अपना रहा है। केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय और आयुष संबंधित तमाम योजनाओं की मदद से युवा स्टार्टअप में भी आयुर्वेद अब अपनी जगह बना रहा है।

उपराष्ट्रपति धनकड़ ने मंच से हंसते हुए कहा, “यहां आने से पहले मेरी योग गुरु रामदेव से मुलाकात हुई। उन्होंने मुझे गुस्से को दूर करने के लिए कुछ योग बताए थे। मैंने उनसे कहा कि ऐसा योग बनाइए की संसद की गरिमा बनी रहे।” उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आगे अपने सम्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझे किसान का बेटा कहा, यह मेरे लिए बहुत ही गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि आज उसी चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी (सीसीएसयू) में आया हूं। उन्होंने कहा कि मैं इस बात से काफी गदगद हूं। उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा भारत की सांस्कृतिक विरासत का झंडा दुनिया भर में बज रहा है। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था दुरुस्त हो गई है। प्रधानमंत्री के विजन की वजह से देशभर में भारत का डंका बज रहा है। सभी पद्धतियों का सम्मान करता हूं, लेकिन आयुर्वेद को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भर में हर विषय पर भारत क्या सोचता है, इसका इंतजार किया जाता है। मोटे अनाज को प्राथमिकता दी जा रही है। देश में बड़े पैमाने पर जनता को नि:शुल्क गैस कनेक्शन मिले हैं। आज की युवा शक्ति को तय करना है कि 2047 में भारत कैसा होगा। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद ऐसा है, जैसे पुरानी कहावत है, गली में छोरा और गांव में ढिंढोरा।

आयुर्वेद महाकुंभ उद्घाटन कार्यक्रम के समाप्त होने के बाद पूरा वीवीआइपी अमला दोपहर के भोजन के लिए सर्किट हाउस पहुंचा। भोजन के उपरांत उपराष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री लोहिया नगर स्थित धन सिंह कोतवाल पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में पहुंचे।

मेरठ में धन सिंह कोतवाल पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय में पहुंचे सीएम ने कहा कि क्रांतिधरा की धरती से सभी का अभिवादन करता हूं। यह सभी के लिए गौरवान्वित पल है, जब भारत माता के महान सपूत कोतवाल धनसिंह गुर्जर की प्रतिमा का अनावरण हो रहा है। उन्होंने धन सिंह कोतवाल को को कोटि-कोटि नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा धन सिंह गुर्जर कोतवाल ने देश के लिए खुद को कुर्बान किया है। उन्होंने कहा कि यहां का औघड़नाथ मदिंर 1857 की क्रांति का प्रमुख केंद्र था। वहां झांसी में लक्ष्मीबाई हुंकार भर रही थी। कोई कोना ऐसा नहीं बचा था, जिसने 1857 की क्रांति में अपना योगदान न दिया हो। उन्होंने कहा कि 1947 में भले ही हमने जन्म नहीं लिया होगा, लेकिन आज पूरा देश आजादी का अमृत महोत्सव बना रहा है। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में हर घर में तिरंगा लहरा रहा है। उन्होंने कहा कि गुलामी को समाप्त करना है। पुलिस ट्रेनिंग क्षमता को तीन गुणा बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि आज साइबर क्राइम के थाने हर जगह स्थापित हो रहे हैं। पुलिस की क्षमता विस्तार को बढ़ाने के लिए राज्य स्तर पर अनेक कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि आज पुलिस कर्मियों को उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है।