bulldozer

मेरठ। यूपी में 10 मार्च को एक बार फिर भाजपा की सरकार बनी। दोपहर तक योगी-मोदी के अलावा एक और नाम चर्चा में था। वो था बुलडोजर। बीते 5 साल में योगी सरकार ने अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी से लेकर 25 माफियाओं की संपत्तियों पर बुलडोजर चलवाया। इन ठिकानों पर कार्रवाई के बाद करीब 1500 करोड़ की अवैध संपत्तियां जब्त की गईं। अब दोबारा से भाजपा की सरकार बनते ही बुलडोजर काम पर लग गया। मंगलवार को टीपीनगर में मोस्ट वांटेड बदन सिंह बद्दो से जुड़ी प्रॉपर्टी का ध्वस्तीकरण कर दिया गया। पुलिस और एमडीए टीम ने अभियान चलाते हुए कार्रवाई की। पिछले साल भी बद्दो की कोठी पर बुलडोजर चला था।

टीपीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत जगन्नाथपुरी में मोस्ट वांटेड बदन सिंह और उसके गैंग के लोगों ने सरकारी पार्क की करीब 500 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा कर लिया था। फर्जी दस्तावेज तैयार कर इस जमीन को बेच दिया। इसका खुलासा 2019 में बदन सिंह की फरारी के बाद छानबीन के दौरान हुआ। एमडीए की जांच के बाद पता चला कि यह जमीन भाजपा पार्षद राजीव गुप्ता काले के साले शिवकुमार गुप्ता की पत्नी रेनू गुप्ता के नाम पर दर्ज दिखाया गया है। इस प्लॉट को रेनू गुप्ता ने 2017 में शशिबाला पत्नी प्रमोद और इंदूबाला पत्नी नरेंद्र से खरीदा था। बैनामे में 45 लाख रुपये कीमत की स्टांप ड्यूटी लगी थी। दुकान को फिलहाल अजय सहगल को किराए पर दिया था। इस जगह पर अजय ने दुकान व अन्य जगह पर एक कमरा बनाया हुआ था। इस संबंध में पूर्व में नोटिस जारी किए गए और जवाब मांगा गया था। स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर 5 मार्च 2022 मंगलवार को मेरठ के जगन्नाथ पुरी इलाके में बने पार्क में मेरठ विकास प्राधिकरण यानी एमडीए की टीम पहुंची। बुलडोजर स्टार्ट हुआ। एक तरफ दुकानें गिराई जा रही थी, दूसरी ओर पार्क के किनारे खड़े बद्दो के गुर्गें ये पूरी घटना देख रहे थे। एएसपी ब्रहमपुरी विवेक ने बताया कि जन्नाथ पुरी में 500 मीटर पार्क की जमीन पर ये दुकानें बनाई गई थी। इनमें ज्यादातर दुकानें बद्दो के करीबियों के नाम पर खरीदी गई थी, जिन्हें डेढ़ घंटे में गिरा दिया गया।