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  • शहर के व्यस्ततम क्षेत्र शाहहीर गेट के निकट मुख्य मार्ग पर जोन ए 1 में जारी है अवैध निर्माण..

  • डेढ़ सौ गज से ज्यादा क्षेत्रफल में बनने वाले अवैध निर्माण को लेकर आंखें मूंदे बैठे हैं जोनल और अवर अभियंता, न सील लगी, ना हुआ नोटिस जारी..

  • शहर के मुख्य व्यस्ततम मार्ग पर मानचित्र पास हुए बिना आखिर कैसे कर ली अवैध निर्माणकर्ता ने अवैध कांप्लेक्स पर लेंटर डालने की तैयारी..

मेरठ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लगातार प्रदेश के सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए एक के बाद एक सख्त कदम उठाती नजर आ रही हैं.. लेकिन कुछ विभाग ऐसे हैं जहां पर सरकार की सख्त कार्रवाई भी असर करती नहीं दिखाई दे रही है। ऐसे ही मेरठ विकास प्राधिकरण में लगातार उपाध्यक्ष, सचिव स्तर के अधिकारी प्राधिकरण में व्याप्त अवैध निर्माणों के भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के प्रयास में एक के बाद एक सख्त कदम उठाते नजर आ रहे हैं, लेकिन कुछ प्राधिकरण से जुड़े भ्रष्ट अधिकारी/कर्मचारी ही लगातार उनके प्रयासों को पलीता लगाते दिखाई दे रहे हैं, और यही वजह है कि मेरठ विकास प्राधिकरण में अवैध निमाण को लेकर भ्रष्टाचार चरम सीमा पर पनप रहा है। ताज़ा मामला मेरठ विकास प्राधिकरण के प्रवर्तन खंड जोन A 1 क्षेत्र के (इंदिरा चौक से जानवरों के अस्पताल के बीच)शाहपीर गेट के नजदीक हापुड़ रोड पर मुख्य मार्ग का है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक बिना मानचित्र नियम विरुद्ध बनने वाले करीब 150 वर्ग गज में कमर्शियल निर्माण प्राधिकरण के नियमों को ताक पर रखकर बेखौफ निर्मित किया जा रहा है। सूत्रों की माने तो प्राधिकरण के कुछ अधिकारियों की शह पर बनने वाले इस अवैध निर्माण का अभी तक ना कोई नोटिस सर्व कराया गया है ना हीं इस पर सील की कार्यवाही की गई है। सूत्रों की खबरों पर अगर भरोसा किया जाए तो कुछ प्राधिकरण के कर्मचारी और अधिकारी ही इस अवैध निर्माण के ठेकेदार बन बैठे हैं। जिस कारण प्राधिकरण के खजाने को लाखों रुपए के राजस्व का चूना लगाते हुए यह भ्रष्ट तंत्र अपनी जेब भरने में लगा हुआ है। क्योंकि नियम विरुद्ध बनने वाले इस अवैध कॉन्प्लेक्स में ना तो मानचित्र के नियमों का ही पालन किया जा रहा है और जिस तरीके से शहर में लगातार पार्किंग की समस्या विकराल रूप ले रही है, उसको और बढ़ावा भी दिया जा रहा है। क्योंकि अवैध रूप से बनने वाले इस अवैध कमर्शियल निर्माण में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
शहर के बीचोबीच व्यस्ततम मुख्य मार्ग पर तेज गति से बनने वाले इस अवैध निर्माण को अधिकारी और कर्मचारियों का किस तरीके से संरक्षण प्राप्त है,इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस अवैध निर्माण में अब लेंटर डालने की तैयारी है, और इस पर जोनल अधिकारी से लेकर मेट तक इस अवैध निर्माण पर आंखें मूंदे बैठे है और अभी तक सीलिंग की कार्रवाई भी नहीं की गई है।