Jyant Akhilesh PC

मेरठ,सड़क मार्ग से रथ पर सवार होकर मुज़फ्फरनगर से आए दोनों नेताओं जयंत चौधरी और अखिलेश यादव का क्रांतिधरा पर गर्मजोशी से जगह-जगह पुष्प वर्षा और फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया। इसके बाद मेरठ रोहटा रोड स्थित गॉडविन होटल में संयुक्त पत्रकार वार्ता में दोनों भाजपा पर हमलावर रहे।

शुक्रवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मुजफ्फरनगर से रालोद मुखिया जयंत चौधरी के साथ मेरठ पहुंचे। अपने तय समय से पांच घंटे दे से पत्रकार वार्ता में मेरठ पहुंचे जयंत चौधरी और अखिलेश यादव ने गॉडविन होटल में संयुक्त पत्रकार वार्ता करते हुए भाजपा पर जमकर हमला बोला।

राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि भाजपा के प्रति नौजवानों, कर्मचारियों और किसानों में भारी रोष है। सभी गठबंधन की तरफ उम्मीदों के साथ देख रहे हैं। उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश में अधिकारियों को लगाया गया है कि वे दबाव बनाकर वोटर आईडी ले लें और मनमर्जी से वोट डलवाएं।
अखिलेश ने क्रांतिधारा और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को नमन करते हुए कहा कि चौधरी चरण सिंह ने किसानों को मजबूत बनाने की शुरुआत की। उनके लिए किसी भी जाति धर्म का किसान उनके लिए किसान ही था। किसानों का सच्चे मसीहा बताते हुए चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न की मांग उठाई। महंगाई पर भाजपा को घेरते हुए कहा कि आज कमाई आधी और महंगाई दोगुनी हो गई।

अखिलेश ने कहा कि पहले ही चरण में वेस्ट यूपी से भाजपा का सफाया हो जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के गलत फैसलों से गरीबी बढ़ी। खुद सरकार कह रही है कि 80 करोड़ को राशन दे रहे हैं, यानी कि सभी गरीब हैं। लॉकडाउन में सरकार ने मजदूरों को छोड़ दिया। हमारी सरकार बनने पर किसानों को 15 दिन में गन्ना भुगतान होगा। किसानों को धरने पर नहीं बैठना होगा। पुरानी पेंशन बहाल होगी। सभी प्रत्याशियों को ऐतिहासिक जीत दिलाने की अपील की। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा मुख्यमंत्री टैबलेट, कम्प्यूटर चलाना नहीं जानते, ट्वीट क्या करेंगे। सपा की सरकार बनने पर बेहतर कानून व्यवस्था का भरोसा दिलाया।अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार ने बिजली कारखाने का काम रोक दिया। लोगों को महंगी बिजली दी। जब समाजवादी पार्टी ने 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने की बात की तो भाजपा सरकार ने बिजली का बिल आधा कर दिया। सरकार बताए साढ़े चार साल तक जनता को महंगी बिजली देकर उनकी जेब क्यों काटी?