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Meerut: एटीएस ने शनिवार रात करीब छह घंटे तक शहर में छापेमारी की। इस दौरान लिसाड़ीगट, कोतवाली क्षेत्र सहित कई जगहों पर दबिश दी गई। तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें बुलंदशहर का एक सपा नेता भी है। बताया जा रहा है कि जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है, उनके बारे में सूचना मिल रही थी कि वह प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के सदस्य हैं। ये पीएफआई के लिए काम कर रहे थे। इनके लोगों के बैंक खातों से लेकर अन्य जानकारी जुटाई जा रही है।

एटीएस की कार्रवाई इतनी गोपनीय रही कि स्थानीय पुलिस को भी इसकी भनक नहीं लगी। एटीएस के जाने के बाद ही उन्हें कार्रवाई का पता चला। सूत्रों के अनुसार एटीएस पिछले कुछ दिन से मेरठ में इन लोगों पर नजर रख रही थीं। उनकी गतिविधियों को संदिग्ध देखते हुए हिरासत में लिया गया है।

एटीएस ने मेरठ के लिसाड़ीगेट क्षेत्र में छापेमारी कर बुलंदशहर के एक पूर्व सपा नेता को भी हिरासत में लिया। उसे टीम पिलोखेड़ी पुलिस चौकी लेकर पहुंची। यहां बताया गया कि सपा नेता अपनी पत्नी का उपचार कराने के लिए बुलंदशहर से मेरठ आया था। उसका बेटा भी साथ था। यह शख्स बुलंदशहर में सपा से पदाधिकारी भी रह चुका है और करीब 20 साल से राजनीति में सक्रिय है। इसके बाद मवाना के हीरालाल मोहल्ले से भी एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया।

एटीएस ने जब भी मेरठ में छापेमारी की तो उसमें लिसाड़ीगेट, देहलीगेट, मवाना, खरखौदा, किठौर और ब्रह्मपुरी हमेशा शामिल रहे हैं। तीन माह पहले भी यहां पर छापेमारी की गई थी। जहां से कई लोगों को पकड़ा गया था। इसके अलावा खरखौदा में भी छापेमारी की गई थी।

निकाय चुनाव से पहले छापा मारने से हड़कंप
प्रदेश में दूसरे चरण का निकाय चुनाव 11 मई को होना है। इस चरण में मेरठ में भी मतदान होगा। निकाय चुनाव से पांच दिन पहले हुई इस कार्रवाई से हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। चर्चा यह भी है कि कुछ अन्य लोग भी एटीएस के निशाने पर हैं।